अल्मोड़ा में सतर्कता: नदियों के किनारे खतरे की जद में 1257 संरचनाएं, यूकॉस्ट ने किया भूगर्भीय सर्वेक्षण – Latest Uttarakhand News in Hindi, Uttarakhand News Headlines
अल्मोड़ा ब्यूरो –थराली और धराली में आई आपदा के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में संभावित खतरों को देखते हुए यूकॉस्ट और अल्मोड़ा जिला प्रशासन ने अल्मोड़ा का विस्तृत भूगर्भीय सर्वेक्षण शुरू किया है।
थराली और धराली में आई आपदा के बाद से पहाड़ी क्षेत्रों में संभावित खतरों को देखते हुए उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) और अल्मोड़ा जिला प्रशासन की ओर से अल्मोड़ा का विस्तृत भूगर्भीय सर्वेक्षण शुरू किया है। वैज्ञानिक दल जिले की धरातलीय परिस्थितियों, नदियों के आसपास बसे क्षेत्रों और भूस्खलन प्रभावित स्थानों का वैज्ञानिक अध्ययन कर रहा है। प्रदेश में इस विशेष अध्ययन के लिए अल्मोड़ा जनपद का चयन किया गया है।इस परियोजना के समन्वयक एवं यूकॉस्ट के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नवीन चन्द्र जोशी ने बताया कि यह परियोजना नेपाल में आई त्रासदी के बाद और महत्वपूर्ण हो गई है। परियोजना के पहले चरण में रामगंगा और कोसी नदी समेत उनकी सहायक नदियों के किनारे बने भवनों और अन्य संरचनाओं की जीआईएस तकनीक के माध्यम से जियो टैगिंग की जा चुकी है। इन भवनों और संरचनाओं को रिसेंट फ्लड प्लेन (आरएफपी) और टी-1 जोन के आधार पर चिह्नित किया गया है। उन्होंने बताया कि कोसी और उसकी सहायक नदियों के किनारे शुरूआत में कुल 456 संरचनाओं को चिन्हित किया गया है तथा रामगंगा एवं उसकी सहायक नदियों के किनारे 801 संरचनाओं को जिओ टैग किया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना के दूसरे चरण में वैज्ञानिक दल धरातल पर जाकर ग्राउंड ट्रूथिंग करेगा एवं ऐसे भवनों और क्षेत्रों को चिन्हीकरण करेगा, जो जीआईएस तकनीक के माध्यम से संभावित खतरे वाले जोन में पाए गए हैं। इसके साथ ही नदियों के किनारे बसे मानव बस्तियों के लिए जोखिम का भी आकलन किया जाएगा।