स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने के दो मामले सामने आए हैं। क्लेमेंटटाउन और रायपुर थाने में महिला और चार छात्राओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि कूटरचित आधार कार्ड, शपथ पत्र और गलत पते के दस्तावेज लगाकर सरकारी लाभ हासिल करने का प्रयास किया गया है।क्लेमेंटटाउन थाने में ग्राम विकास अधिकारी डिंपल की शिकायत पर तृप्ति और उसकी मां उमा रानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार तृप्ति ने 31 जुलाई को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। शपथपत्र और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 13 अगस्त को प्रमाणपत्र जारी भी कर दिया गया। बाद में जिलाधिकारी कार्यालय से मिले आदेश के बाद दस्तावेजों और स्थलीय स्थिति की जांच की गई। जांच में उमा रानी की ओर से लगाया गया शपथपत्र जाली पाया गया।
