डा. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग चमोली में भूगोल विभाग द्वारा ओजोन दिवस आयोजित विचार गोष्टी में वातावरण में ओजोन परत की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा तेजी से विकास की होड़ पूरे विश्व में पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव डाल रही है और कार्बन उत्सर्जन से सबसे अधिक पर्यावरण और ओजोन परत को नुकसान पहुंचता है ऐसे में समय रहते विकसित देशों के साथ विकासशील देशों को भी प्रभावी कदम उठाने होंगे।
पॉलीथीन का उपयोग है चिंता का विषय
इस मौके पर भूगोल विभाग से विभाग प्रभारी डा. तौफिक अहमद, डा. आर सी भट्ट, डा. नेहा तिवारी पाण्डेय, डा. नरेंद्र पंघाल, एवं डा. वी पी भट्ट, डा. डी एस राणा , डा. वी आर अंन्थवाल ने पॉलीथीन के प्रयोग से होने वाले नुकसान की जानकारी छात्र-छात्राओं को देते हुए कहा भले ही पॉलीथीन का उपयोग कम हुआ हो लेकिन आज भी अधिकांश उत्पाद की पैकिंंग प्लास्टिक में ही बाजारों तक पहुंच रही है जो चिंता का विषय है।
सूर्य से निकलने वाली हानिकारण किरणों से बचाती है ओजोन परत
डा. आर सी भट्ट ने ओजोन परत गैस को नाज़ुक ढाल बताते कहा इसी से पृथ्वी पर सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणों से हमें बचाती है। इस प्रकार पृथ्वी ग्रह पर जीवन को संरक्षित करने मे मदद करती है। बताया वर्ष ओजोन दिवस माॅन्टियल प्रोटोकॉल थीम के तहत दुनिया भर मे मनाया जा रहा है। हम सबको ओजोन परत को ठीक करना और जलवायु मे हो रहे परिवर्तन ओजोन के लिए विशेष प्रयास करने होगे।
डा. तौफिक अहमद ने ओजोन परत के संरक्षण के लिए वियना कन्वेंशन के बारे मे जानकारी छात्र एंव छात्राओ को दी। डा. नेहा तिवारी, डा. नरेंद्र पंघाल ने वैश्विक तापमान से हो रहे परिवर्तन के बारे मे जानकारी छात्र एवं छात्राओं को दी।
कार्यक्रम में भूगोल के छात्र-छात्राएं हुए शामिल
एम ए तृतीय सेमेस्टर भूगोल विषय की छात्रा हिमानी, स्वेता, प्रेमा, सुमन , नेहा, नेहा टमटा,निधि, रिकी, पिंकी, आयुष, संजय, अमित प्रकाश ने भी ओजोन दिवस पर अपने विचार एंव कविता के माध्यम से प्रकट किए। कार्यक्रम में भूगोल विषय के छात्र एवं छात्राएं सम्मिलित थे।
