उत्तराखंड में आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए पुलिस बल बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जल्द 18 सौ पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा पुलिसकर्मी की मौत पर उसके परिजनों को तत्काल एक लाख रुपये की मदद के लिए दो करोड़ रुपये के फंड की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित शहीद स्मृति दिवस परेड के दौरान यह घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में पुलिस की अहम भूमिका है। ऐसे में पुलिसकर्मियों की संख्या में इजाफा बेहद जरूरी है। उन्होंने पुलिस के महत्व को बताया।
आवास के लिए सौ करोड़ रुपये
धामी ने कहा कि हर पुलिसकर्मी का निशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। पुलिसकर्मियों के आवास के लिए सरकार अगले तीन वर्ष में सौ करोड़ रुपये का बजट देगी।
शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों का सम्मान
-उप निरीक्षक प्रदीप सिंह रावत (चमोली थाना) जुलाई में चमोली में नमामि गंगे परियोजना के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में करंट से मारे गए युवक का पंचनामा भरने गए उप निरीक्षक प्रदीप सिंह रावत की करंट लगने से जान चली गई थी।
-आरक्षी लक्ष्मण सिंह (लालपुर चौकी यूएसनगर) नवंबर 2022 की रात्रि पुलिस चौकी प्रभारी लालपुर के साथ सिपाही लक्ष्मण सिंह चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान ट्रक एक चालक ने आरक्षी लक्ष्मण सिंह को टक्कर मार दी, जिसमें उनकी मौत हो गई।
-आरक्षी चमन तोमर (बड़कोट थाना उत्तरकाशी) जुलाई 2023 में ड्यूटी के दौरान पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से मौत।
-आरक्षी जवाहर सिंह (कोतवाली रुड़की हरिद्वार) विभिन्न अभियोगों से जुड़े माल का परीक्षण कराकर वापस लौट रहे थे। बिहारीगढ़ के पास सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।
