उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमवीरों को मंगलवार की रात सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। देश-दुनिया के लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो सभी की आंखें खुशी से नम हो गईं। यह भगवान, इंसान और विज्ञान पर भरोसे की जीत थी। मजदूरों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के बाद सभी स्वस्थ पाए गए, उन्हें अपने-अपने घर जाने की परमिशन दे दी गई। ऐसे में अब हर कोई उन 422 घंटे की कहानी जानना चाहता है जब ये मजदूर सूरज की रोशनी से दूर टनल में फंसे रहे। हिमाचल प्रदेश के विशाल कुमार भी सुरंग में फंस गए थे। उन्होंने अब अपनी मोटिवेट कर देने वाली कहानी सुनाई है।
खूब सोए, एन्जॉय किए और…
विशाल ने बताया, ‘हम सब ने हिम्मत बनाए रखा। अंदर हम सभी ने मिलकर उस पल को भी एन्जॉय किया। ज्यादातर टाइम हमलोगों ने सो कर निकाला। जितने भी हम भाई थे सब अंदर मिलकर बैठते थे और बातचीत करते थे। ऐसे ही हमलोगों अपना टाइम निकालते थे।’
सोचे थे 5-10 दिन लगेंगे लेकिन…
विशाल ने आगे बताया, ‘हम लोगों को नहीं पता था कि इतना टाइम लगेगा। हमने सोचा था कि ज्यादा से ज्यादा 5-10 दिन लगेंगे। हमारे पीएम सर (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी), उत्तराखंड के सीएम सर, कंपनी के वर्कर, सभी ने हमारा सहयोग किया। हमें अंदर हर तरह की सुविधा दी जा रही थी।’
