देहरादून, ब्यूरो। एरियल इंडिया ने पिछले 7 सालों के दौरान देश के सभी परिवारों में घरेलू कामकाज के असमान तरीके से विभाजन के बारे में लगातार बातचीत को बढ़ावा दिया है, साथ ही ज्यादा से ज्यादा संख्या में है मर्दाे से हैशटैग शेयरदलोड करने का अनुरोध भी किया है। इस मुद्दे पर बातचीत को जारी रखने और परिवारों के भीतर समानता के संदेश को लगातार आगे बढ़ाने की बात को ध्यान में रखने हुए, एरियल ने शेयर द लोड के पांचवें संस्करण का शुभारंभ किया और इस अवसर पर हैशटैग सीईक्वल फिल्म को लांच किया।
एरियल ने लोगों के सामने एक जायज सवाल उठाया है कि अगर पुरूष दूसरे पुरूषों के साथ काम में हाथ बटा सकते हैं तो वे अपनी पत्नियों के साथ ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं। 73 प्रतिशत पुरूषों ने इस बात को माना कि जब वे दूसरे पुरूषों या रूममेटस के साथ रहते थे, तब वे भी घर के काम काज में समान रूप से हाथ बटाते हैं। एरियल की नई फिल्म हैशटैग सीईक्वल पुरूषों के लिए एक जायज सवाल उठाती है। हालांकि इस असमानता के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन 80 प्रतिशत महिलायें मानती हैं कि उनके जीवनसाथी घरेलू काम काज करना जानते हैं लेकिन वे ऐसा नहीं करने का विकल्प चुनते हैं। 83 प्रतिशत महिलाओं ने महसूस किया कि जब घरेलू काम काज की बात आती है तो पुरूष महिलाओं को बराबरी के नजरिये से नहीं देखते हैं। इस अवसर पर शरत वर्मा, चीफ मार्किटिंग ऑफिसर, पीएंडजी इंडिया और वाइस प्रेजीडेंट, फैब्रिक केयर पीएंडजी इंडिया ने कहा कि एरियल की शेयरदलोड मुहिम के साथ हमने इस मुद्दे पर सार्थक बातचीत शुरू करने की कोशिश की है जिससे साकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिलेगी। हैशटैग सीईक्वल के माध्यम से हम सदियों से लोगों के मन में बसी घिसी पिटी सोच और इसी सोच के अनुरूप काम करने की प्रवृति में बदलाव लाना चाहते हैं जो हम सभी के लिए अपनी जिम्मेदारियों को साझा करने की राह में सबसे बड़ी बाधा है।