देहरादून, ब्यूरो। अपर जिलाधिकारी डाॅ0 एस के बरनवाल ने अवगत कराया है कि उत्तराखण्ड (बालू, बजरी, बोल्डर) चुगान नीति, 2016 के में वर्णित प्राविधान के अनुसार वर्षाकाल के उपरान्त 01 अक्टूबर से 30 जून, तक की अवधि (चुगान वर्ष) के लिए स्वीकृत खनन पटटों खनन अनुज्ञाओं में खनन संक्रियाए नीति के प्राविधानानुसार संचालित करायी जाये।
ऐसे स्वीकृत खनन पटटे जिनकी पर्यावरणीय अनुमति में स्वीकृत खनिज की मात्रा पर्यावरणीय अनुमति में चुगान बन्द होने की निर्धारित तिथि या नीति में चुगान बन्द होने की निर्धारित तिथि से पूर्व समाप्त हो जाता है, तो उन खनन पटटों में चुगान उक्त तिथि से ही बन्द कर दिया जायेगा। जनपद में 01 जुलाई से 30 सितम्बर तक चुगान कार्य पूर्णतः बन्द रहेगा तथा आदेशों का उल्लंघन पाये जाने पर निर्धारित अवधि के पश्चात उपखनिज चुगान कार्य अवैध खनन माना जायेगा तथा उत्तराखण्ड उपखनिज परिहार नियमावली एवं भारतीय दण्ड संहिता के सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
