देहरादून ब्यूरो –उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक क्षेत्रीय बीमारियों पर शोध करने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कसरत शुरू कर दी है। इसके लिए एथिकल समिति का गठन कर दिया गया है। जल्द ही सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च सेल का भी गठन किया जाएगा। सभी शोध भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकोस्ट) समेत अलग-अलग संस्थानों के साथ मिलकर किए जाएंगे।पहाड़ में कैंसर, दूषित पानी व जानवरों से होने वाली बीमारियां और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) लगातार बढ़ रही हैं। चिकित्सक क्लीनिकल स्तर पर इन बीमारियों के होने के पीछे अलग-अलग कयास लगाते हैं लेकिन अब तक इस पर कोई समर्पित शोध नहीं हुआ। यही कारण है कि इसकी रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदम प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं।
