12 वर्ष बाद उत्तराखंड में होने जा रही 49वीं अखिल भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस में उत्तराखंड पुलिस का प्रतिबिंब साफ्टवेयर कई राज्यों के लिए नजीर साबित होगा। पुलिस साइंस कांग्रेस में इस साफ्टवेयर के बारे में शोध पत्र जारी किया जाएगा। उत्तराखंड पुलिस की ओर से वर्ष 2018 में विकसित किए गए प्रतिबिंब साफ्टवेयर में अब तक एक लाख अपराधियों का डाटा संकलित हो चुका है।
अपराधियों का डाटा तैयार करने के लिए पुलिस की ओर से यह यूनीक साफ्टवेयर तैयार किया गया है। प्रतिबिंब एप का एक्सेस सभी थानों को दिया गया है, जबकि कंट्रोल रूम एसटीएफ में है। एप में करीब एक लाख अपराधियों का नाम, फोटो, पिता का नाम सहित अन्य जानकारी एकत्र की गई हैं। रात्रि गश्त में तैनात पुलिसकर्मी यदि प्रतिबिंब एप से किसी संदिग्ध व्यक्ति की फोटो खींचते हैं और यदि उसने पूर्व में किसी जगह अपराध किया होगा तो उसकी पूरी कुंडली एप के माध्यम से खुल जाएगी, जिसके बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है।
आपरेशन स्माइल व मुक्ति का शोधपत्र भी होगा जारी
उत्तराखंड में चल रहे आपरेशन स्माइल व आपरेशन मुक्ति को जुवेनाइल जस्टिस ने सर्वश्रेष्ठ अभ्यास माना है। आपरेशन स्माइल के तहत उत्तराखंड पुलिस 23 वर्षों में 37043 लापता लोगों में से 32715 को बरामद किया। वहीं आपरेशन मुक्ति के तहत 3600 से अधिक बच्चों को जोकि भिक्षावृति में लिप्त थे, का विभिन्न स्कूलों में दाखिला करवाया। उत्तराखंड पुलिस की ओर से आपरेशन स्माइल व आपरेशन मुक्ति अभियान के तहत किए कार्यों का लेखा जोखा भी अन्य राज्यों की पुलिस के समक्ष रखेगी।
