अल्मोड़ा/ सोमेश्वर। जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया। लोगों ने उनके जनगीत गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर सरकारों का ध्यान आकर्षित करने का काम किया। उनकी रचनाओं में आज भी पहाड़ की व्यथा झलकती है।
मंगलवार को माल रोड स्थित एक निजी होटल में हुए कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा में वक्ताओं ने उनका गीत ततुक नि लगा उदेख घुनन मुनई न टेक गाकर उन्हें याद किया। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि आंदोलन के साथ ही सड़कों पर गाए गए गीतों ने गिर्दा को जनमानस में लोकप्रिय बना दिया। यहां वरिष्ठ रंगकर्मी नवीन बिष्ट, बिशन दत्त जोशी, जंगबहादुर थापा, नारायण सिंह थापा, लता पांडे, कमला, दीप्ती, कलावती, पूरन चंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे। वहीं सोमेश्वर में लोक प्रबंध विकास संस्था ने ग्राम पंचायत सुनौली में उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान को याद किया। यहां ईश्वर जोशी, हेमंत कुमार, किरन भाकुनी, गंगा देवी, गिरीश जोनी, सुशील कांडपाल, संतोषी भाकुनी आदि मौजूद रहे। संवाद
