मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम में आयोजित पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में की प्रतिभागिता मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार तथा शहीद चैक का लोकार्पण एवं उद्घाटन भी किया मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मेन मार्ग से सुनहरा मार्ग चैराहे को शहीद चैक के नाम दिया जाएगा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज रुड़की के जीवनदीप आश्रम में आयोजित भव्य पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षक परम पूजनीय संत महात्माओं, धर्माचार्यों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि संत समाज जीवन्त तीर्थ के समान होता है, जो समाज को सत्पथ की ओर प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने परम पूज्य पद्मभूषण ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए परम पूज्य जगद्गुरु महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि जी महाराज सहित सभी संत जनों को साष्टांग प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि संतों की दिव्य उपस्थिति मन और आत्मा में नई ऊर्जा का संचार करती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जीवन दीप सेवा न्यास के इस पांच दिवसीय महोत्सव में शतचंडी महायज्ञ, श्री भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण एवं पाँच कन्याओं के सामूहिक विवाह जैसे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम समाज में सेवा भावना का अद्भुत संदेश दे रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार तथा शहीद चैक का लोकार्पण एवं उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि शहीद चैक हमारे अमर बलिदानियों के साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मारक है, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मैंन मार्ग से सुनहरा मार्ग चैराहे को शहीद चैक के नाम दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज ने राष्ट्र, धर्म एवं मानवता की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर समाज को त्याग, करुणा एवं सेवा का पवित्र मार्ग दिखाया। उन्हीं की प्रेरणा से जीवन दीप सेवा न्यास शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, महिला सशक्तिकरण, गौ संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज विश्वभर में भारत की सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि भव्य राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण,काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक निर्माण जैसी पहलें हमारी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ यमुनातीर्थ स्थल का पुनरुद्धार, हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर निर्माण, दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना को संरक्षित रखने का संकल्प मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों एवं सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए पूर्णत संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण विरोधी कानून एवं सख्त दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। लैंड जिहाद पर 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू कर समान कानून व्यवस्था स्थापित की गई है। युवाओं के हित में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिससे 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। अवैध गतिविधियों में संलिप्त 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद 1 जुलाई 2026 से गैरमानक मदरसे स्वतः बंद हो जाएंगे। ‘‘ऑपरेशन कालनेमि’’ के अंतर्गत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई की गई है।
